Posted by: कल्पना भारती | सितम्बर 30, 2009

अक्सर सोचा करती हूँ

अक्सर सोचा करती हूँ
क्यूँ दुनिया से डरती हूँ

मन यादों का राह है
इससे मैं गुजरती हूँ

झील तेरे अहसासों का
बनकर नाव उतरती हूँ

तू एक दर्पण जिसमे
मैं सजती संवरती हूँ

तेरे ख्वाबो में आकर
मैं हर रोज़ निखरती हूँ

क्या तेरे दिल पर कभी
बनकर चोट उभरती हूँ

तू एक समंदर जिसे
बूँद बूँद मैं भरती हूँ ||

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Responses

  1. Sweet poem!

  2. GOOD POEM

  3. बहुत सुन्दर रचना । आभार

    ढेर सारी शुभकामनायें.

    SANJAY
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

  4. तू एक समंदर जिसे
    बूँद बूँद मैं भरती हूँ ||

    bahut bahut sunder

  5. narayan narayan

  6. तू एक समंदर जिसे
    बूँद बूँद मैं भरती हूँ ||
    लाजवाब कविता है बधाई और शुभ्akामनायें

  7. choti bahar ki hindi gazal. bahut sundar. komal ekantik bhavon ka alhad sa nartan. lekin kasey jane ki gunjaish hai.

  8. Sundar rachana…..aise hee likhatee rahiye.
    shubhkamnayen.
    Poonam

  9. कल्पना भारती जी – आपकी रचना को पढ़कर बहुत अच्छा लगा। छोटे बहर की इस बेहतरीन गजल ने मन मोह लिया। शब्द-भाव संयोग की सुन्दर रचना।

    जब इसे गुनगुनाने लगा तो कहीं कहीं प्रवाह में रुकावट महसूस हुई। फिर मैंने आपके ही शब्दों को बस आगे पीछे करके निम्न शेर को निम्न प्रकार से सजाया है-

    राहें मन की यादों में
    उससे रोज गुजरती हूँ

    तू एक दर्पण है जिसमे
    सजती और सँवरती हूँ

    तेरे ख्वाबो में आकर
    मैं भी रोज़ निखरती हूँ

    कभी तेरे दिल पर मैं क्या
    बनकर चोट उभरती हूँ

    ऐसा एक समन्दर है तू
    बूँद बूँद मैं भरती हूँ

    दरअसल आपके मेल एड्रेस के अभाव में मैं इसे टिप्पणी में भेज रहा हूँ।

    वैसे आपकी इस रचना ने मुझे आपके लेखन के प्रति बहुत आकर्षित किया है।

    उम्मीद है अन्यथा नहीं लेंगी।

    सादर
    श्यामल सुमन
    http://www.manoramsuman.blogspot.com

  10. नारीगत सौन्दर्यबोध और समर्पण के भावों को अभिव्यक्त करती यह ग़ज़ल खूब

    पसंद आई……….. जीवन के समस्त रंगों में सबसे खूबसूरत रंग है प्यार और प्यार

    के इर्द गिर्द बुनी गई रचना भी प्यार की ही भान्ति प्यारी होती है

    आपको बधाई इस रचना के लिए……….

    आगे और उम्दा रचनाएं भी आप प्रस्तुत करेंगी , ऐसा मेरा विश्वास है

  11. चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.


    हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits – रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

  12. कम शब्दों में अच्छी अभिव्यक्ति

  13. सुंदर रचना है और आपकी सफलता के लिए शुभकामनाएं व्‍यक्‍त करता हूं ।

  14. bahut sunder kavita,tuk me kuch kamee hai jo abbhyaas se door hogi.meri shubh kamnaye.
    dr.bhoopendra


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