Posts Tagged ‘Bharti Ghazal’

पास मैं उन के जाने लगी हूँ

Posted by: कल्पना भारती on नवम्बर 7, 2009

राह दिखाये कोई रहबर इस गुलिस्तान में…

Posted by: कल्पना भारती on अक्टूबर 25, 2009

अक्सर सोचा करती हूँ

Posted by: कल्पना भारती on सितम्बर 30, 2009